ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: भाजपा नेताओं ने गिनाए 5 बड़े फायदे और विपक्ष को दिया करारा जवाब

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए भाजपा नेताओं ने न केवल इसके रणनीतिक लाभों पर चर्चा की, बल्कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी कड़ा जवाब दिया है।

नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर देश भर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं और विभिन्न दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

हुगली में भाजपा विधायक दिलीप सिंह ने ब्रिक्स सम्मेलन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और तनावपूर्ण स्थितियों के बीच, करीब सात साल बाद शी जिनपिंग का भारत आना एक सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, यह दौरा भारत और चीन के बीच भविष्य में मित्रता और बेहतर सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।

दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि भारत सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करता है। उन्होंने ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने को एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह संगठन अब अधिक परिपक्व और जिम्मेदार हो गया है। जिलानी के अनुसार, सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने इसे बदलती वैश्विक शक्ति-संरचना के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि दुनिया अब एकध्रुवीय नहीं रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की एक साथ मौजूदगी इस बात का संकेत है कि वैश्विक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है और दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।

वहीं, मुंबई में भाजपा विधायक राम कदम ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सम्मेलन पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को भारत की मेजबानी और इससे मिलने वाले अवसरों को समझना चाहिए।

मुंबई में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने भी निर्दोषों की हत्या की इस घटना की कड़ी निंदा की थी। साथ ही, उन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिसमें आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।